उत्तर प्रदेश एसआई भर्ती परीक्षा में STF ने रचा भंडाफोड़, 22 लाख में होता था नकल का सौदा

उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसआई भर्ती परीक्षा में हो रहे धांधली के खेल को उजागर कर दिया है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली एसआई (सशस्त्र कांस्टेबुलरी) भर्ती परीक्षा में नकल के लिए छात्रों से भारी रकम वसूल रहा था।
STF की जांच में पाया गया कि यह गिरोह कई वर्षों से छात्रों को नकल के लिए तैयार कर रहा था और इसके लिए अलग-अलग शहरों में ठिकानें बनाकर नकल की सामग्री तैयार की जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल थे, जिनमें शिक्षक, नकल माफिया और कुछ पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।
इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार एक शिक्षक निकला है जो छात्रों को नकल के लिए उकसाता था। इसके बदले में उसे 22 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से मोटी रकम मिल रही थी। यह रकम नकल की सामग्री, परीक्षा केंद्र के अंदर छात्रों को नकल कराने और परिणाम में हेरफेर करने के लिए दी जा रही थी।
STF की टीम ने कई शहरों में छापेमारी कर इस गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में कई छात्रों के नाम सामने आए हैं जो इस नकल रैकेट में शामिल थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
उत्तर प्रदेश में एसआई भर्ती परीक्षा की काफी चर्चा रही है क्योंकि यह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण पद है। परीक्षा में नकल की घटनाएं उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
STF ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य शहरों में भी इस तरह के रैकेट हो सकते हैं, इसलिए जांच जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआई भर्ती परीक्षा की पुन: आयोजित करने पर विचार किया है। सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के गृह मंत्री ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी और नकल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे नकल के खिलाफ आवाज उठाएं।
इस पूरे मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दल इस मामले का उपयोग सरकार पर प्रहार करने के लिए कर रहे हैं।
STF का यह भंडाफोड़ उत्तर प्रदेश में हो रहे नकल के खेल के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लेंगे।
इस घटना ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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