चित्रकूट का राजाघाट प्रदूषण की भेंट, बुंदेली सेना ने स्वच्छता अभियान का किया आगाज

चित्रकूट में स्थित प्राचीन राजाघाट आज उपेक्षा और प्रदूषण के कारण गंभीर संकट में है। ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आस्था से परिपूर्ण इस स्थल पर गंदगी और गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे इसकी गरिमा को क्षति पहुँच रही है। प्रदूषण का स्तर इस हद तक पहुँच गया है कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए यहाँ से गुजरना भी कठिन हो गया है। यह स्थल, जो भगवान राम की जन्मभूमि से जुड़ा है, अपनी प्राचीनता और पवित्रता के लिए विख्यात है, किंतु वर्तमान स्थिति इस पवित्र विरासत के प्रति उपेक्षा को दर्शाती है।
इसी संदर्भ में, बुंदेली सेना नामक एक सक्रिय स्वयंसेवक समूह ने एक बड़ा अभियान चलाने की घोषणा की है। स्वयंसेवकों का यह समूह पिछले कई दिनों से स्थल का भ्रमण कर रहा है और उन्होंने स्वच्छता के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। उनका लक्ष्य अगले एक सप्ताह में राजाघाट की पूरी सफ़ाई सुनिश्चित करना है, जिसके लिए वे स्थानीय प्रशासन और जनता से सहयोग की अपील कर रहे हैं। यह पहल स्थानीय समुदाय की ओर से एक सराहनीय कदम है।
राजाघाट केवल एक नदी तट नहीं, बल्कि चित्रकूट की पहचान और आस्था का केंद्र है। इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि समाज के सभी वर्गों का इसमें भागीदारी हो। स्वयंसेवकों का यह कदम नगर की स्वच्छता के प्रति एक नई दिशा का संकेत है और अन्य नागरिक परियोजनाओं के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है। राजाघाट की स्वच्छता सुनिश्चित करना न केवल एक आवश्यकता है, बल्कि चित्रकूट की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक माध्यम भी है।
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