चित्रकूट में 60 वर्ष पुराने पट्टा बहाल करने की मांग पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

चित्रकूट में हाल ही में 400 भूमि पट्टों को निरस्त किए जाने के विरुद्ध ग्रामीणों ने एक बड़ा आंदोलन शुरू किया है। यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ प्रशासन द्वारा पट्टों को रद्द करने का निर्णय ग्रामीणों के लिए संकट बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि ये पट्टे 60 वर्ष पुराने हैं और उन पर परिवारों की पीढ़ियों से अधिकार रहे हैं। उन्होंने इस निर्णय के विरुद्ध जिला प्रशासन से अपील की है और पट्टों को तत्काल बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का तर्क है कि इन पट्टों के बिना वे अपनी भूमि पर अधिकार खो देंगे, जिससे उनकी आजीविका और आवास का प्रश्न खड़ा हो जाएगा।
आज जिला मजिस्ट्रेट से हुई एक बैठक में ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। उन्होंने प्रशासन को साक्ष्य दिए कि ये पट्टे वैध हैं और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर जारी किए गए थे। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
यह मुद्दा न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। भूमि पट्टे का प्रश्न ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। प्रशासन का जल्द से जल्द निर्णय लेना आवश्यक है ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो सके।
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