TiEcon2026 up 2026 ने कानपुर को राष्ट्रीय स्टार्टअप मंच पर स्थापित किया

*TiECon UP 2026 ने कानपुर को 'राष्ट्रीय स्टार्टअप मंच' पर किया स्थापित: कॉन्फ्रेंस में नीतिनिर्माताओं, प्रमुख वेंचर कैपिटलिस्ट्स और देश के जानी-मानी स्टार्टअप कंपनियों के संस्थापकों ने लिया हिस्सा*
*पूंजी,उन्नत तकनीकों और व्यवसाय के विस्तार पर हुई रणनीतिक चर्चाओं ने भारत की नवाचार अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश के बढ़ते प्रभाव को दर्शाया*
कानपुर: उत्तर प्रदेश भारत की नवाचार से होने वाले विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देने के उद्देश्य से इस साल कानपुर में राज्य की सबसे बड़ी एंटरप्रेन्योरशिप मीटिंग आयोजित हुई। TiE UP हर साल एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस आयोजित करता है। TiECon UP 2026 कानपुर में नेशनल पॉलिसी लीडरशिप, बड़े वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर्स और जाने-माने एंटरप्रेन्योर्स इकट्ठा हुए। शनिवार 28 फरवरी को होटल ताज इटर्निटी में हुई इस कॉन्फ्रेंस में लगभग 20 बड़ी वेंचर कैपिटल फर्म्स, करीब 45 इंडस्ट्री लीडर्स, और पूरे भारत और इंटरनेशनल मार्केट्स से बड़ी संख्या में फाउंडर्स और इकोसिस्टम स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए।
कॉन्फ्रेंस में कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप और व्यवसायिक इकोसिस्टम के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त किया। इनमें राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी; कानपुर के मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन; इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद तथा आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल शामिल थे। इसके अतिरिक्त TiE UP के अध्यक्ष एवं असिस्टेंटे सोशल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. राव विक्रम सिंह; TiECon के चेयरमैन संजीव श्रेया तथा रीजेंसी हॉस्पिटल लिमिटेड के गवर्निंग काउंसिल सदस्य एवं मैनेजिंग पार्टनर डॉ. अतुल कपूर भी उपस्थित रहे। उनकी भागीदारी ने राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों से मिल रहे सशक्त सहयोग को दर्शाया।
कार्यक्रम की शुरुआत में बालाजी वेफर्स के फाउंडर और सीएमडी चंदू भाई विरानी ने “वाइन्डस ऑफ चेंज इन UP” स्थायी सफलता केवल अल्पकालिक कंपनी मूल्यांकन से नहीं बल्कि मजबूत संचालन व्यवस्था, प्रभावी वितरण नेटवर्क और दीर्घकालिक निरंतर प्रयासों से प्राप्त होती है। उद्यमियों को केवल लाभ और विकास तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि एक अच्छे इंसान बनने पर भी ध्यान देना चाहिए, समुदायों का सहयोग करना, दूसरों के लिए अवसरों को प्रदान करना तथा ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित व्यवसाय स्थापित करना चाहिए।”
कॉन्फ्रेंस में सहभागिता के व्यापक स्तर पर टिप्पणी करते हुए TiECon UP के चेयरमैन संजीव श्रिया ने कहा, “यह कॉन्फ्रेंस उत्तर प्रदेश की उद्यमिता क्षमताओं में बढ़ते राष्ट्रीय विश्वास का संकेत है। एक ही मंच पर नीतिनिर्माताओं, इंडस्ट्री लीडरशिप और प्रमुख वेंचर कैपेलिस्टस की सशक्त उपस्थिति यह दर्शाती है कि राज्य को अब केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि उद्यम निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार के सेंटर (केंद्र) के रूप में देखा जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार, शिक्षण संस्थानों और प्राइवेट पूंजी के बीच सतत सहयोग इस गति को दीर्घकालिक निवेश, रोजगार सृजन और उत्तर प्रदेश से उभरने वाली वैश्विक प्रतिस्पर्धी कंपनियों में परिवर्तित करने के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।”
राज्यसभा सांसद श्री सुधांशु त्रिवेदी ने उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) पर प्रकाश डालते हुए ब्रह्मोस मिसाइल की सफलता और उससे जुड़े वेंचर्स के विस्तार का ज़िक्र किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में आर्थिक विकास, पूरे उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट के विस्तार और बिजली सप्लाई के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की योजनाओं पर चर्चा की।
कॉन्फ्रेंस के प्रमुख विषयगत सत्रों में “जीरो टू यूनिकॉर्न- ऑल यूनिकॉर्न स्टार्ट फ्रॉम एन आइडिया” ने स्टार्टअप यात्रा के बुनियादी कांसेप्ट पर प्रकाश डाला। डीपटेक और रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित संवाद में अनुसंधान संस्थानों और उन्नत विनिर्माण उद्यमों के बीच सहयोग पर चर्चा हुई। अगली पीढ़ी के नेतृत्व पर आयोजित सत्र में संस्थागत प्रशासन, डिजिटल एकीकरण और रणनीतिक विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्य सत्रों के अलावा कॉन्फ्रेंस ने संस्थापकों और निवेशकों के बीच सीधे संवाद का अवसर भी दिया। “हाउ टू पिच इन फ्रंट ऑफ वीसीज़”, “लेवरेजिंग नेटवर्क्स टू फाइंड द राइट अपॉर्च्युनिटी” और “एआई एंड द डिसरप्शन इन वैल्यू क्रिएशन” जैसी विशेष मास्टरक्लास में फंड जुटाने की तैयारी और लंबे समय तक मूल्य निर्माण पर सरल, व्यावहारिक और क्रियान्वयन-उन्मुख मार्गदर्शन दिया गया।
समापन सत्र “India @ 2030: अनलॉकिंग द नेक्स्ट वेव ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप” में वरिष्ठ नीतिनिर्माताओं और इकोसिस्टम से जुड़े नेताओं ने अगले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते व्यवसायों को समर्थन देने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, नियमों को आसान बनाने और लगातार निवेश उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
TiECon UP 2026 का समापन TiE नेतृत्व के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसमें नीति, पूंजी और उद्यम के बीच निरंतर सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
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