तीन दिवसीय 'बिठूर महोत्सव'शुरू,

*भव्यता के साथ शुरू हुआ तीन दिवसीय बिठूर महोत्सव* *‘सनातन एवं संस्कृति का उत्सव’ थीम पर सुर, शास्त्र और* तकनीक का संगम*
कानपुर।ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी बिठूर में ‘सनातन एवं संस्कृति का उत्सव’ थीम पर आधारित तीन दिवसीय बिठूर महोत्सव का गुरुवार शाम 4:50 बजे भव्य शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर किया।उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि अभिजीत सिंह सांगा ने मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और बिठूर की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया।समारोह में सांसद रमेश अवस्थी,महापौर प्रमिला पांडे,विधायक नीलिमा कटियार,विधायक सरोज कुरील,जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह,सीडीओ दीक्षा जैन समेत बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
*सांस्कृतिक संध्या में सजा सुरों का रंग* पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायक डॉ. पलाश सेन एवं उनके बैंड यूफोरिया ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। दर्शक देर शाम तक गीतों की धुन पर झूमते रहे।वहीं भोपाल कत्थक समिति द्वारा प्रस्तुत कत्थक नृत्य ने भारतीय शास्त्रीय कला की गरिमा से रूबरू कराया।अलंकार म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने कठपुतली नृत्य और पारंपरिक राजस्थानी वाद्ययंत्रों की मनमोहक प्रस्तुतियों से लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की।परंपरा के साथ तकनीक की झलक महोत्सव में रक्षा मंत्रालय के उपक्रमों की प्रदर्शनी के साथ आईआईटी कानपुर की एआई एवं वीआर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के फाइन आर्ट्स विभाग की कलात्मक प्रदर्शनी, उद्यान विभाग का फ्लावर शो तथा विविध कार्यक्रमों ने आयोजन को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया।कार्यक्रम स्थल पर सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यमों के स्टॉल भी लगाए गए।इनमें ‘माधव लड्डू’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पान,गुलाब और आम के स्वाद वाले लड्डुओं का लोगों ने जमकर आनंद लिया।हालांकि उद्घाटन दिवस पर प्रस्तुतियां आकर्षक रहीं,लेकिन अपेक्षित दर्शकों की संख्या नहीं जुट सकी और कई कुर्सियां खाली नजर आईं।उम्मीद है कि सप्ताह क़े अंत और आगामी प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों की संख्या में वृद्धि होगी।कार्यक्रम क़े दूसरे दिन द बैटल ऑफ़ बैंड नें अपना जलवा बिखेरा,उपरांत लोकल टैलेंट नें अपनी अपनी अनोखी प्रस्तुतियां दी कार्यक्रम में श्री राम कला केंद्र क़े द्वारा कर्ण आधारित नाट्य का कों प्रदर्शित किया गया जिसके बाद शाम 7:30बजे से देश प्रदेश क़े सुप्रसिद्ध कवियों नें अपनी कविताओं से आये हुए दर्शकों का खूब मन मोहा।कार्यक्रम में प्रकाश व्यवस्था,सुरक्षा,पार्किंग, यातायात,स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की व्यापक व्यवस्थाएं की गईं।प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे,जिससे आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
(बिठूर महोत्सव—इतिहास और उद्देश्य)
(बिठूर महोत्सव का पहला आयोजन 1990 के दशक में स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ।कुछ वर्षों तक बंद रहने के बाद वर्ष 2017 में इसे पुनः भव्य स्वरूप में प्रारंभ किया गया।वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महोत्सव का उद्घाटन किया गया था।)
(उद्देश्य: बिठूर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करना और पर्यटन को बढ़ावा देना।प्रमुख आकर्षण: शास्त्रीय संगीत,लोकनृत्य,कवि सम्मेलन,छात्र प्रतियोगिताएं, गंगा आरती और तकनीकी प्रदर्शनी।तीन दिवसीय यह महोत्सव बिठूर की सांस्कृतिक,आध्यात्मिक और तकनीकी विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है,जो आने वाले दिनों में और अधिक रंग जमाने की उम्मीद लिए आगे बढ़ रहा है।)
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