कहीं आपका बेटा बेटी मांगलिक तो नहीं आईए जानते हैंI

एस्ट्रो सुभी पाण्डेय
मांगलिक दोष (Manglik Dosha) क्या होता है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह कुछ विशेष भावों में स्थित होता है, तब उसे मांगलिक दोष कहा जाता है। इसे विशेष रूप से विवाह और वैवाहिक जीवन से जोड़कर देखा जाता है।
कब माना जाता है कि बच्चा मांगलिक है?
यदि जन्म कुंडली में मंगल निम्न भावों में से किसी एक भाव में स्थित हो—
प्रथम भाव (लग्न), चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव—
तो व्यक्ति को मांगलिक माना जाता है। कुछ ज्योतिषी द्वितीय भाव को भी इसमें शामिल करते हैं।
बच्चों के संदर्भ में इसका क्या अर्थ है?
यदि आपका बच्चा मांगलिक है तो इसका अर्थ यह नहीं कि कोई अनिष्ट अवश्य होगा। सामान्यतः ऐसे बच्चों में ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता अधिक होती है। कभी-कभी स्वभाव में जिद या गुस्सा भी देखा जा सकता है। भविष्य में विवाह के समय कुंडली मिलान पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
क्या मांगलिक दोष से घबराने की जरूरत है?
नहीं। वर्तमान समय में मांगलिक दोष को उतना कठोर नहीं माना जाता जितना पहले माना जाता था। कई स्थितियों में यह दोष स्वतः ही समाप्त या कम प्रभावी हो जाता है, जैसे—
यदि वर-वधू दोनों मांगलिक हों।
यदि मंगल उच्च राशि या अपनी राशि में हो।
यदि मंगल पर गुरु या अन्य शुभ ग्रहों की दृष्टि हो।
ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि सही दिशा में मार्गदर्शन देना है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जन्म कुंडली का विस्तृत विश्लेषण आवश्यक होता है।
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