उत्तर प्रदेश में मानसून की समयबद्ध एंट्री की उम्मीदें तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की पहली बारिश 18 जून को तय समय पर राज्य में पहुंच सकती है। इस दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में विशेष रूप से बारिश की संभावना है। इसके लिए गोरखपुर के रास्ते मानसून के प्रवेश की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों में लू (हीटवेव) की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की आशंका है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत पाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की एंट्री से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में लू का खतरा बना हुआ है। इन आठ जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। गर्मी से बचने के लिए सुबह और शाम के समय बाहर निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही, पर्याप्त पानी पीने और हल्के, ढीले कपड़े पहनने की भी सिफारिश की गई है। मानसून की एंट्री के साथ ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। बारिश की संभावना से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लू का खतरा कम हो जाएगा। हालांकि, लू के अलर्ट वाले जिलों में बारिश के बाद भी गर्मी का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से लगातार मौसम की जानकारी लेते रहने को कहा है। गोरखपुर के रास्ते मानसून की एंट्री की तैयारी के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही, लू के अलर्ट वाले जिलों में स्वास्थ्य विभागों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए, जरूरी दवाओं और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मानसून की समयबद्ध एंट्री से लू के खतरे में कमी आने की उम्मीद है। फिर भी, लू के अलर्ट वाले जिलों में लोगों को गर्मी से बचने के लिए हर संभव सावधानी बरतनी होगी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही हाल रहेगा, इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।