मेरठ में नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने अपने पद की शपथ ली और कार्यभार संभाला। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक धोती-कुर्ता पहना था, जो उनकी सादगी और स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। उनके इस कदम की काफी सराहना की जा रही है। बीबीजीटीएस मूर्ति ने कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने नाम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि उनका पूरा नाम 'बबींद्र गौरव तेज सिंह मूर्ति' है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में यह नाम पीढ़ियों से चला आ रहा है। उनके पिता और दादा का भी यही नाम था। मूर्ति ने बताया कि उनके नाम का अर्थ क्या है। उन्होंने कहा कि 'बबींद्र' का अर्थ है भगवान का उपहार, 'गौरव' का अर्थ है सम्मान और 'तेज' का अर्थ है चमक। उन्होंने बताया कि 'मूर्ति' उनके परिवार का कुलनाम है। उन्होंने कहा कि यह नाम उनके लिए बहुत विशेष है और यह उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनका पालन-पोषण एक साधारण परिवार में हुआ है। उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा ईमानदारी और सच्चाई का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि उनके नाम का हर शब्द उनके जीवन में एक प्रेरणा है। मेरठ के नए SSP ने कहा कि वह शहर की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह एक पारदर्शी और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था बनाने का प्रयास करेंगे। मूर्ति ने कहा कि वह अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपराध नियंत्रण के लिए नई तकनीक का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि वह युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए भी कार्यक्रम चलाएंगे। अंत में, बीबीजीटीएस मूर्ति ने मीडिया का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह मेरठ को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण शहर बनाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने नाम की तरह ही अपने काम में भी चमक बिखेरेंगे।
मेरठ के नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने धोती-कुर्ता में संभाला कार्यभार, NDTV से साझा की अपने नाम की दिलचस्प कहानी
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