लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज श्रम दिवस के अवसर पर श्रमिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी श्रमिकों को 5 लाख रुपये का बीमा मिलेगा, जो कार्य संबंधी दुर्घटनाओं या बीमारियों की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करेगा।
इस घोषणा के साथ ही उन्होंने कहा कि जो नियोक्ता या ठेकेदार श्रमिकों को उनका हकदार पारिश्रमिक देने से इनकार करते हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "जो काम का दाम नहीं देगा, उसका काम तमाम होगा।"
यह घोषणा उत्तर प्रदेश में श्रम कानूनों को कड़ा करने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में औद्योगिक विवादों में वृद्धि देखी गई है, और यह घोषणा श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सरकार ने इस बीमा योजना को लागू करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। यह योजना विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो राज्य के कुल कार्यबल का लगभग 85% हिस्सा हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस घोषणा से निवेश के माहौल में सुधार आएगा और औद्योगिक शांति सुनिश्चित होगी। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास की संभावना भी बढ़ सकती है।
यह घोषणा श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है। श्रम दिवस पर श्रमिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
