लखनऊ, 15 जनवरी 2024 – उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त करने की बड़ी घोषणा की है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले की घोषणा की और कहा कि अब से सभी उपभोक्ताओं को केवल पोस्ट-पेड मीटर के साथ ही बिजली मिलेगी।
यह घोषणा राज्य के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत उपभोक्ता पहले से बिजली खरीदकर उसका उपयोग करते थे और शेष राशि को टॉप-अप करते थे। इस प्रणाली को कई समस्याओं का कारण माना जाता था, जिसमें बिलिंग में अनियमितताएं, उपभोक्ताओं को सही जानकारी न मिलना, वितरण कंपनियों के लिए राजस्व की हानि और उपभोक्ताओं की शिकायतें शामिल थीं।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि "उपभोक्ता देवो भव" के सिद्धांत पर आधारित यह निर्णय उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि पोस्ट-पेड प्रणाली से बिजली विभाग को बिलिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को अपनी खपत के अनुसार बिल का भुगतान करने का अवसर मिलेगा।
इस फैसले के तहत, उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी बिजली वितरण कंपनियों को 6 महीने के भीतर प्रीपेड मीटर को पोस्ट-पेड में बदलने का निर्देश दिया गया है। उपभोक्ताओं को उनके पुराने प्रीपेड मीटर बदलने के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी।
इस घोषणा के बाद लखनऊ और अन्य शहरों में उपभोक्ताओं में काफी उत्साह देखा गया। लोगों का मानना है कि इस कदम से बिजली बिलिंग की प्रक्रिया सरल हो जाएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करेगा, जहां उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता और बेहतर सेवा का लाभ मिलेगा।
