लखनऊ: योगी कैबिनेट ने शिक्षामित्रों को 18 हजार मानदेय को दी मंजूरी

लखनऊ (UP) - उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होगा।
शिक्षामित्र, जो सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षकों के रूप में कार्य करते हैं, लंबे समय से स्थायी शिक्षकों के समान वेतन की मांग कर रहे थे। शिक्षामित्रों की यह मांग पिछले कई महीनों से लंबित थी।
लखनऊ के शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय राज्य के शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 18 हजार रुपये देने से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकेंगे।
यह निर्णय लखनऊ के राजकीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों की कमी को भी दूर करने में मदद करेगा। वर्तमान में कई राजकीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों का पद रिक्त है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
योगी कैबिनेट के इस निर्णय के बाद, शिक्षामित्रों को शीघ्र ही नई नियुक्ति प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इस निर्णय के कार्यान्वयन के लिए अगले दो महीने का समय निर्धारित किया है।
इस कदम से शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लखनऊ के शिक्षामित्रों ने सरकार के इस निर्णय पर आभार व्यक्त किया है।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय देने से उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने में आसानी होगी।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में एक नया मॉडल पेश करेगा। अन्य राज्यों के नीति निर्माता भी इस मॉडल का अध्ययन कर सकते हैं।
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