लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने का आदेश दिया है। यह निर्णय नगर निगम के कामकाज में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर रहा है। न्यायालय का यह कदम एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें मेयर के विरुद्ध गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं और प्रक्रिया के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। पीठ ने मेयर के आचरण की गहन जांच के बाद यह निर्णय लिया है, जिसमें उनके आधिकारिक कर्तव्यों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया गया है।