लखनऊ: बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे गए आठ लाख रुपये

लखनऊ: एक हृदयविदारक घटना में, शहर के एक बुजुर्ग निवासी को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर ठगों ने उनसे आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली है। यह मामला शहर के ठगों द्वारा बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले एक नए और सुनियोजित घोटाले का हिस्सा है।
पीड़िता की पहचान एक 68 वर्षीय महिला के रूप में हुई है, जो अपने घर पर अकेली रहती थीं। उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। कॉलर ने एक फर्जी केस दर्ज करने और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी दी, जब तक कि वे जुर्माना न भर दें। घबराकर और डर के मारे, पीड़ित महिला ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी बचाने के लिए पैसे भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद ठगों ने उन्हें एक विशिष्ट UPI ऐप के माध्यम से आठ लाख रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
यह घटना "डिजिटल अरेस्ट" घोटाले के बढ़ते चलन को उजागर करती है, जहाँ अपराधी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नकल करके पीड़ितों को डराते हैं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह एक परिष्कृत ऑपरेशन है, और वे संभावित खतरों के बारे में जनता को सचेत करने के लिए सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात नंबरों से आने वाली ऐसी कॉल पर कभी भरोसा न करें, विशेष रूप से वे जो गिरफ्तारी की धमकी देते हों। पुलिस ने कहा है कि वे किसी भी आधिकारिक मामले के बारे में जानकारी के लिए 112 पर कॉल करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस अधिकारी कभी भी फोन पर पैसे की मांग नहीं करते हैं।
इस घटना के बाद, लखनऊ पुलिस ने संबंधित साइबर अपराधों की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। टीम डिजिटल पदचिह्नों का पता लगाने और ठगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने निवासियों को ऐसे भ्रामक कॉल्स के प्रति सतर्क रहने और अपने परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से बुजुर्गों को इन धोखाधड़ी योजनाओं के बारे में सूचित करने की सलाह दी है। जांच जारी है और पुलिस जनता से इस संबंध में किसी भी जानकारी की अपील कर रही है।
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