लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राष्ट्रीय फेक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई ओमैक्स रेजिडेंसी स्थित एक इमारत में आधी रात के समय की गई। यह भंडाफोड़ उन लोगों के खिलाफ एक बड़ी जीत है जो ग्राहकों को ठगने के लिए फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़ी मेहनत की। इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य तरीका ग्राहकों को ठगना था। ठग लोग खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों से बात करते थे। वे लोगों को तकनीकी समस्याओं, बैंक खातों की समस्याओं या अन्य जरूरी कामों के लिए झांसा देते थे। इस भरोसे का फायदा उठाकर वे लोगों से उनकी निजी जानकारी, पासवर्ड और पैसे तक मांग लेते थे। यह पूरा नेटवर्क सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे देश के लोगों को निशाना बना रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम को इस पूरे नेटवर्क के बारे में खास जानकारी मिली थी। इसी आधार पर उन्होंने आधी रात को छापेमारी की। टीम ने इमारत में घुसकर पूरे ऑफिस की तलाशी ली। उन्हें इस काम में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और कुछ कागजात मिले। इन सभी चीजों को जब्त कर लिया गया है ताकि जांच में उनकी अहम भूमिका का पता लगाया जा सके। इस छापेमारी से यह साफ हो गया है कि ऐसे फर्जी कॉल सेंटर कितने बड़े और संगठित हो सकते हैं। यह सिर्फ एक जगह की कार्रवाई नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैले ऐसे ठगी के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना रहा था। इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकार ऐसे साइबर अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। जांच जारी है ताकि इस पूरे नेटवर्क के हर पहलू को उजागर किया जा सके और लोगों को इससे बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।