लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए पुलिसकांस्टेबलों को कठोर प्रशिक्षण का निर्देश, जवाबदेही और जनता के विश्वास पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक बड़े पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नए नियुक्तकांस्टेबलों को असाधारण रूप से कठोर प्रशिक्षण लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस बल के भीतर जवाबदेही और पेशेवर आचरण की एक गहरी भावना विकसित करने के लिए तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री का संदेश इस बात पर जोर देता है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रक्रियात्मक त्रुटि को शून्य सहनशीलता के साथ देखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए पुलिसकांस्टेबलों को एक ऐसे कार्यबल के रूप में कार्य करना चाहिए जो जनता के बीच भय के बजाय विश्वास पैदा करे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान विकसित किए जाने वाले मुख्य क्षेत्रों का विस्तार से वर्णन किया, जिसमें भीड़ प्रबंधन, तनावपूर्ण स्थितियों को शांत करना, साइबर अपराध से निपटने की आधुनिक तकनीकें और भारतीय दंड संहिता (IPC) तथा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत कानूनी प्रक्रियाओं की गहन समझ शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एक पेशेवर और अच्छी तरह से प्रशिक्षित पुलिस बल ही कानून-व्यवस्था का आधार स्तंभ है। उन्होंने तर्क दिया कि जब पुलिसकांस्टेबल अच्छी तरह से तैयार होंगे, तो वे दबाव में बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होंगे और जनता की शिकायतों के समय पर एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करेंगे। यह संबोधन राज्य के पुलिसिंग ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एक रणनीतिक दिशा प्रदान करता है, जो कर्तव्य, अनुशासन और जनता के प्रति अटूट जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित है। इसका अंतिम लक्ष्य एक ऐसा पुलिस बल तैयार करना है जो अपराध के विरुद्ध एक शक्तिशाली अवरोधक के रूप में कार्य करे और राज्य की जनता की सुरक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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