कानपुर के एक थाना क्षेत्र में एक दरोगा द्वारा एक युवक को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारे जाने और उसे 15 तमाचे जड़े जाने का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब दरोगा ने चोरी के आरोप में उस व्यक्ति को हिरासत में लिया था। पीड़ित की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में की गई है, जो पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाओं में संलिप्त था। घटना की जानकारी के अनुसार, दरोगा ने जब पीड़ित को पूछताछ के लिए पकड़ा, तो उसने कथित तौर पर चोरी की बात स्वीकार कर ली। इसी दौरान दरोगा ने अपनी आधिकारिक सत्ता का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित को थप्पड़ मारा। इसके बाद उसने पीड़ित के हाथों में तमाचे जड़े, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरी घटना थाना परिसर के भीतर ही हुई, जिससे अन्य पुलिस कर्मियों की उपस्थिति के बावजूद यह घटना और भी चिंताजनक बन गई। इस घटना के बाद पीड़ित को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए भेजा गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने मामले की संज्ञान लेते हुए आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है। साथ ही, पीड़ित के लिए एक पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है। कानपुर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे आरोपी दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। साथ ही, वे पीड़ित के परिवार से भी बात कर रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई का पता लगाया जा सके। यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है और जनता के विश्वास को कम करने का काम करती है।
कानपुर में रीलबाज दरोगा ने चोरी के आरोप में युवक को 40 सेकंड में थप्पड़ मारे, 15 तमाचे जड़े
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