कानपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई 7.2 मिलीमीटर वर्षा ने शहर के मौसम को पूरी तरह से बदल दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह वर्षा पिछले कई दिनों में दर्ज की गई सबसे अधिक वर्षा है, जिससे शहर के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी की व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कानपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 7.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यह वर्षा पिछले कई दिनों के औसत से अधिक है, जिससे शहर के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, इस वर्षा के कारण शहर की सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात की गति धीमी हो गई है। नगर निगम ने जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी के लिए अतिरिक्त पंप तैनात किए हैं, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। गंगा नदी का जलस्तर भी इस वर्षा के कारण बढ़ गया है। नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों में जल स्तर में वृद्धि देखी गई है, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का वातावरण है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण नदी के किनारे स्थित कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गंगा के जलस्तर की निगरानी के लिए नदी के किनारे स्थित सभी स्थानों पर निगरानी टीमें तैनात की गई हैं। लखनऊ-इटावा रोड पर स्थित सड़क धंस गई है, जिससे इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। यह सड़क पिछले कई दिनों से मरम्मत के अधीन थी, लेकिन अचानक हुई इस वर्षा ने सड़क की स्थिति को और भी खराब कर दिया है। सड़क धंसने के कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। प्रशासन ने इस मार्ग पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की है, लेकिन वैकल्पिक मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया है। लखनऊ-इटावा रोड के बंद होने से लखनऊ और इटावा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर चलने वाली बसों और अन्य वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा के समय में वृद्धि हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि सड़क को शीघ्रता से सुधारा जा सके। नगर निगम के इंजीनियरों ने धंसी हुई सड़क का निरीक्षण किया है और मरम्मत के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की चेतावनी दी है। नगर निगम ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर लोग सहायता के लिए कॉल कर सकते हैं। गंगा के जलस्तर की निगरानी के लिए नदी के किनारे स्थित सभी स्थानों पर निगरानी टीमें तैनात की गई हैं। कानपुर में इस वर्षा के कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में बिजली की कटौती की गई है ताकि बिजली की लाइनों को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया जा सके। बिजली विभाग के कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैनात किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि वर्षा के कारण शहर के कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। नगर निगम के कर्मचारियों ने पेड़ों को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। प्रशासन ने इस वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया है और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। नगर आयुक्त ने बताया कि जल निकासी की व्यवस्था को सुचारू करने के लिए अतिरिक्त पंप तैनात किए गए हैं। लखनऊ-इटावा रोड की मरम्मत के लिए तत्काल कार्रवाई की जा रही है। गंगा के जलस्तर की निगरानी के लिए नदी के किनारे स्थित सभी स्थानों पर निगरानी टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
कानपुर में भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित, गंगा का जलस्तर बढ़ा और लखनऊ-इटावा मार्ग पर धंसी सड़क
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