कानपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह तीन महीने की अवधि में 80 करोड़ रुपये की ठगी की घटना में संलिप्त था। गिरफ्तार किए गए आरोपी कानपुर के निवासी हैं और लंबे समय से इस तरह के आपराधिक कृत्यों में लिप्त थे।

यह गिरफ्तारी एक विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई है, जिसने तकनीकी ट्रैकिंग और मुखबिर की जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से लोगों को निवेश, नौकरी और ऋण के नाम पर ठगते थे। उन्होंने कई भोले-भाले नागरिकों को भारी धनराशि का लालच देकर अपने जाल में फंसाया।

कानपुर पुलिस ने आरोपी व्यक्तियों के डिजिटल पदचिह्नों (digital footprints) को सावधानीपूर्वक ट्रैक किया। उन्होंने कई राज्यों में फैले हुए इस गिरोह का पता लगाया। इसके बाद एक संयुक्त अभियान चलाया गया और आरोपी व्यक्तियों को उनके घर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारियों के बाद उन्हें तुरंत न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पुलिस की जांच में आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इनसे कई राज्यों के पीड़ितों के खातों में गए अवैध धन का पता लगाने के लिए गहन तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा। पुलिस अब विस्तृत आरोप पत्र (chargesheet) तैयार करने की प्रक्रिया में है।

कानपुर पुलिस जनता को विश्वास दिलाती है कि साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि पुलिस किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह कहीं भी छिपा हो। पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे किसी भी धोखाधड़ी के प्रस्ताव से बचने के लिए सतर्क रहें और ऐसी घटनाओं की तुरंत रिपोर्ट करें।