कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने आज शहर के प्रमुख स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रताप प्रेस और शहादत स्थल का भ्रमण किया। यह दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह उन स्थानों से जुड़ा है जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। सांसद रमेश अवस्थी ने इस अवसर पर मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे विभूतियों को भारत रत्न मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी का योगदान भारतीय समाज और शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनका मानना है कि ऐसे व्यक्तियों को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत रत्न के लिए योग्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। प्रताप प्रेस, जिसका नाम स्वतंत्रता सेनानी प्रताप सिंह के नाम पर रखा गया है, कानपुर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रेस उस समय का प्रतीक है जब भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन अपने चरम पर था। शहादत स्थल भी स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानियों की याद दिलाता है। इन स्थानों का अवलोकन करके सांसद रमेश अवस्थी ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि भारत के इतिहास को समझना और उसका सम्मान करना आवश्यक है। कानपुर के लोगों के लिए यह दौरा विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें उनके शहर के गौरवशाली अतीत से जोड़ता है। स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनके योगदान को याद रखने के लिए यह एक अच्छा अवसर है। इससे युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि वे ऐसे स्थलों का नियमित रूप से अवलोकन करेंगे ताकि लोगों को भारत के इतिहास के बारे में जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान के लिए योग्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को ऐसे विभूतियों को सम्मानित करने के लिए विशेष योजनाएं बनानी चाहिए।