कानपुर में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर का पारा लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे दिन और रात के बीच का अंतर न के बराबर रह गया है। इस भीषण गर्मी का असर अब लोगों की दैनिक दिनचर्या पर भी दिखने लगा है। सुबह-सुबह ही शहर के बाजारों और सड़कों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से बचने के लिए सुबह-सुबह ही बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह असामान्य मौसम पैटर्न उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में इस साल की सबसे गर्म अवधि है। दिन के समय तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है, जबकि रात में भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहता है। इस कारण रात में सोने के लिए भी लोग परेशान हैं। गर्मी और उमस के कारण कई क्षेत्रों में बिजली की मांग में भी भारी उछाल देखा गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है। स्वास्थ्य पर इस मौसम का बुरा असर पड़ रहा है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को अत्यधिक परेशानी हो रही है। गर्मी के कारण कई लोग निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और गर्मी से संबंधित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। शहर के अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को राहत पहुँचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम ने पानी की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जबकि पुलिस ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके अलावा, कई सरकारी कार्यालयों में काम के घंटे सुबह 11 बजे तक सीमित कर दिए गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक यह मौसम ऐसा ही बना रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे गर्मी और उमस से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, हल्के और हवादार कपड़े पहनें और बाहर जाने से बचें। मौसम के इस बदलाव से निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
कानपुर में उमस भरी गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, तापमान ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
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