कानपुर के एक गाँव में दलित पिता और पुत्र के साथ दबंगों द्वारा की गई बर्बरता का मामला सामने आया है। यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुई है, जहाँ एक दलित परिवार को सामाजिक बहिष्कार और शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। पीड़ित परिवार की पहचान रामू और उसके पुत्र बबलू के रूप में की गई है, जो गाँव के एक छोटे से घर में रहते हैं। घटना के अनुसार, दबंगों ने रामू और बबलू पर झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराकर उन्हें परेशान करना शुरू किया। जब रामू ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने उसे और उसके पुत्र को बेरहमी से पीटा। पीटने के बाद, उन्हें थूकने पर मजबूर किया गया और जूते में पानी भरकर उनके मुँह में डालने का प्रयास किया गया। यह पूरी घटना गाँव के लोगों के सामने हुई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दबंगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। यह घटना उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ होने वाली हिंसा और सामाजिक भेदभाव का एक और उदाहरण है। कानपुर पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का वादा किया है। साथ ही, उन्होंने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
कानपुर में दलित पिता-पुत्र के साथ बर्बरता, दबंगों ने पीटने के बाद थूककर चटवाया, जूते में पानी पिलाया
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