कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, जो उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है, उसे एक गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा है। 13वें दिन ही, निर्माण कार्य के एक हिस्से में धंसाव देखा गया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के समक्ष तत्काल चिंता का विषय बन गया। यह घटना, जो 4200 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी 286 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा झटका है, ने इसके निष्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NHAI ने इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए एक औपचारिक बयान जारी किया है, जिसमें इस तकनीकी खराबी के कारणों की गहन जांच का आश्वासन दिया गया है।