कानपुर के जीवन ज्योति अस्पताल में एक दुखद घटनाक्रम में, बवासीर (पाइल्स) से पीड़ित एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में भारी तनाव और हिंसा भड़क उठी। इस घटना में पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर और दो महिला पुलिसकर्मियों सहित कई पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया। अस्पताल के भीतर हुई इस घटना ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। घटना के अनुसार, बवासीर से ग्रस्त एक मरीज को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसकी हालत बिगड़ने पर उसे एक अन्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया। कथित तौर पर, इस स्थानांतरण के दौरान हुई लापरवाही और देरी के कारण मरीज की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य मरीजों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो जल्द ही एक बड़े संघर्ष का रूप ले लिया। इस संघर्ष के दौरान, पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुँचते ही स्थिति और अधिक बिगड़ गई। पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया गया, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर और दो महिला पुलिसकर्मियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। अस्पताल के भीतर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी बचाव के लिए कार्रवाई की, जिससे अस्पताल परिसर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना के बाद, पुलिस ने अस्पताल परिसर को घेरे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे घटना की पूरी सच्चाई जानने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन ने भी इस घटना की निंदा की है और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कानपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। उन्होंने बताया कि वे घटना के वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान एकत्र कर रहे हैं। इस बीच, प्रशासन ने भी अस्पताल प्रबंधन से बात कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया है। कानपुर के जीवन ज्योति अस्पताल में हुए इस घटनाक्रम ने पुलिस व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पुलिस का यह कदम यह भी दर्शाता है कि वे जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
कानपुर के जीवन ज्योति अस्पताल में बवासीर पीड़ित मरीज की मौत पर हुआ हंगामा, पुलिसकर्मियों पर हुआ हमला

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