कानपुर पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें 'किराये' नाम के व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग गरीबों और मजदूरों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। इस ठगी के खेल में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की सक्रियता से यह पूरी योजना पकड़ी गई, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे आम लोगों के नाम पर फर्जी खाते बनाकर उनकी वित्तीय सुरक्षा को खतरे में डाला जा सकता है। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह धोखाधड़ी एक व्यवस्थित तरीके से की जा रही थी। ठगों ने 'किराये' नाम के लोगों के नाम पर बैंक खाते खोले या उनका गलत इस्तेमाल किया। इन खातों का उपयोग गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों से पैसा निकालने के लिए किया जाता था, जो अक्सर उनकी जानकारी के बिना होता था। ठगों ने इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड या अन्य तरीकों का उपयोग करके अवैध लेनदेन किए, जिससे पीड़ितों को आर्थिक हानि हुई। कानपुर पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। जांच में उन छह लोगों की पहचान हुई जो इस धोखाधड़ी में शामिल थे। उन्हें शहर के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह मामला एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाना था। इस धोखाधड़ी के शिकार गरीब और मजदूर वर्ग के लोग थे, जो अक्सर आर्थिक तंगी और कम वित्तीय साक्षरता के कारण फंस जाते थे। ठगों ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाया और उन्हें छोटे-छोटे लालच देकर या उनकी जानकारी के बिना उनके खातों का उपयोग करके धोखाधड़ी की। इस घटना से समाज में डर का माहौल है और पुलिस से सुरक्षा की मांग बढ़ गई है। कानपुर पुलिस ने इस मामले में एफ आई आर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि वे पूरे नेटवर्क की तलाश कर रहे हैं और चोरी हुए पैसे को वापस दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपने बैंक खाते की जानकारी साझा न करें और सावधानी बरतें। पुलिस का कहना है कि वे ऐसे ठगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे और समाज को सुरक्षा प्रदान करेंगे।
कानपुर में 'किराये' के नाम पर बैंक खातों से धोखाधड़ी का खेल, छह गिरफ्तार

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