कानपुर में एक बड़ी घटनाक्रम में, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के कमांडो ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय को घेर लिया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह कदम एक ITBP जवान की मां के चिकित्सा उपचार को लेकर हुए गंभीर विवाद के कारण उठाया गया था। यह घटना दर्शाती है कि कैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के बीच समन्वय की कमी एक बड़ी संकट की स्थिति पैदा कर सकती है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय के आसपास कमांडो की तैनाती ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।