कानपुर में एक महत्वपूर्ण पड़ताल के माध्यम से यह खुलासा हुआ है कि डिजिटल फेसलेस सिस्टम, जो भौतिक संपर्क के बिना संचालित होते हैं, उनमें भी उपभोक्ता की पहचान और गतिविधियों को ट्रैक करने की क्षमता होती है। यह जांच, जो मुख्य रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाओं पर केंद्रित थी, ने यह दिखाया है कि 'फेसलेस' शब्द का अर्थ 'अनाम' या 'अपरिचित' होना नहीं है। इसके विपरीत, यह प्रणाली उपभोक्ता के डिजिटल पदचिह्नों (digital footprint) को प्रभावी ढंग से देखने और उनका विश्लेषण करने में सक्षम है। जांच के अनुसार, ऑनलाइन लेनदेन, सोशल मीडिया जुड़ाव और ई-कॉमर्स गतिविधियों के माध्यम से, एक उपभोक्ता की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान बनाई जा सकती है, जो उनके ऑनलाइन व्यवहार, प्राथमिकताओं और स्थान के आधार पर होती है।