कानपुर में नारकोटिक्स विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 करोड़ रुपये की चरस के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी इवेंट मैनेजर के रूप में कार्य करता था, जो अपने पेशे का उपयोग नशीली दवाओं की तस्करी को छिपाने के लिए करता था। यह कार्रवाई विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिससे एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो नेपाल से चरस लाकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सप्लाई करता था। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, जिनमें से एक इवेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत था। यह खुलासा हुआ है कि वह इवेंट मैनेजमेंट के नाम पर बड़े आयोजनों का आयोजन करता था, जिसका उपयोग वह अपने अवैध कारोबार को छिपाने के लिए करता था। विभाग के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस धंधे में लिप्त थे और उनकी सप्लाई चेन नेपाल से लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक विस्तृत थी। चरस की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो एक बड़ी मात्रा है और यह इस नेटवर्क के विस्तार को दर्शाता है। नारकोटिक्स विभाग की टीम ने कानपुर में छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी नेपाल से चरस मंगाते थे और फिर उसे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में बेचते थे। इवेंट मैनेजर की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपने संपर्कों और इवेंट मैनेजमेंट के काम का उपयोग इस अवैध व्यापार को संचालित करने के लिए करता था। विभाग को इस मामले में और भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है जो पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकते हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैले इस ड्रग नेटवर्क को तोड़ने में एक बड़ी उपलब्धि है। नेपाल से आने वाली चरस की सप्लाई को रोकना एक चुनौती रही है, लेकिन इस कार्रवाई से विभाग को इस दिशा में और सख्ती बरतने का अवसर मिला है। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और उनसे अन्य साथियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह मामला यह भी दर्शाता है कि कैसे पेशेवर लोग अपने वैध व्यवसाय का उपयोग अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए कर रहे हैं। इवेंट मैनेजर का उदाहरण यह स्पष्ट करता है कि कैसे लोग अपने सामाजिक और पेशेवर संपर्कों का दुरुपयोग कर नशीली दवाओं की तस्करी जैसे अवैध कामों में लिप्त हो रहे हैं। विभाग अब इस मामले में अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय कर रहा है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके और अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा सके। कानपुर में हुई इस कार्रवाई से एक संदेश गया है कि नारकोटिक्स विभाग नशीली दवाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई में और अधिक आक्रामक हो गया है। यह गिरफ्तारी न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह नेपाल से आने वाली चरस की सप्लाई चेन को तोड़ने में मदद करेगी। विभाग के अधिकारी इस मामले में और भी गहन जांच करने की योजना बना रहे हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। यह कार्रवाई नशीली दवाओं के खिलाफ जारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।