कानपुर में एक चोरी की घटना के संबंध में पिछले 40 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी की पहचान 'पागल बाबा' के रूप में हुई है, जिसे बरेली स्थित एक आश्रम से धर दबोचा गया है। इस गिरफ्तारी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि पुलिस को इस फरार अपराधी तक पहुंचने में सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक, की अहम भूमिका रही। चार दशकों से अधिक समय तक कानून से बचने में सफल रहे इस व्यक्ति का पकड़ा जाना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके दशकों पुराने आपराधिक मामलों को भी सुलझाया जा सकता है। पुलिस विभाग इस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि आरोपी अदालत में पेश होने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ितों में एक तरह की राहत की लहर है, जो लंबे समय से इस मामले में न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सभी सबूतों को सुरक्षित रखा गया है। इस घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और तकनीकी साधनों के उपयोग पर भी सकारात्मक चर्चा छेड़ दी है।