कानपुर के एक स्थानीय मामले में, एक मां को अपने बच्चों की मौत की जानकारी न दिए जाने का आरोप लगा है। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बन गई है, जहाँ परिवार ने प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, मां ने बताया कि अस्पताल या पुलिस प्रशासन की ओर से उनके बच्चों की मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। यह स्थिति न केवल परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि शोक की घड़ी में सही जानकारी का अधिकार सर्वोपरि होता है। इस मामले में, मां ने बताया कि उनके बच्चों की मौत के बाद से वह अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन उन्हें हर बार सूचना के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। यह प्रक्रियात्मक चूक न केवल परिवार को मानसिक तनाव दे रही है, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़े कर रही है। सूचना का अधिकार (आर टी आई) अधिनियम, 2005 के तहत, नागरिकों को विभिन्न सार्वजनिक प्राधिकरणों से जानकारी मांगने का अधिकार है, और इस मामले में उस अधिकार के कथित उल्लंघन ने विवाद को और गहरा कर दिया है। मां की पीड़ा तब और बढ़ गई जब उन्हें बताया गया कि उनके बच्चों की मौत की रिपोर्ट दर्ज तो कर ली गई है, लेकिन उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र या पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए गए। इस महत्वपूर्ण कागजी कार्रवाई के बिना, परिवार के लिए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को पूरा करना या कानूनी उत्तराधिकार के मामलों को सुलझाना कठिन हो रहा है। यह स्थिति एक संवेदनशील मामले में प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है, जहाँ एक शोक संतप्त परिवार को बुनियादी जानकारी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। इस घटना के बाद से, स्थानीय समुदाय और नागरिक समाज के कुछ वर्गों ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं, चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हों, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों को कमजोर करती हैं। परिवार ने अब उच्च अधिकारियों, जैसे कि पुलिस कमिश्नर कार्यालय या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपने बच्चों की मौत के बारे में पूरी और समय पर जानकारी मिल सके। यह मामला अब जांच के घेरे में है, और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस दुखद घटना के लिए एक स्पष्ट स्पष्टीकरण और समाधान प्रदान करे।
कानपुर में बच्चों की मौत पर मां को जानकारी नहीं दी गई
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