कानपुर: बेटी विवाद में मां ने डीएम दरबार में बेटे को 'हटाने' की माँगी

कानपुर के एक स्थानीय क्षेत्र में एक गंभीर पारिवारिक विवाद ने जिला प्रशासन की संज्ञान में मामला पहुँचा दिया है। एक परेशान मां ने सीधे अपने जिला मजिस्ट्रेट के दरबार में पहुँचकर अपने बेटे को अपनी बेटी के जीवन से 'हटाने' की पुरजोर माँग की है। यह घटना, जो शहर के भीतर सार्वजनिक चिंता का विषय बन गई है, स्थानीय शासन और सामाजिक संबंधों की जटिलताओं को उजागर करती है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मां ने अपनी बेटी के निजी जीवन को लेकर लंबे समय से चली आ रही परेशानी का ज़िक्र किया। उनका आरोप है कि बेटे की हरकतों ने परिवार में तनाव पैदा कर दिया है और उनकी बेटी को मानसिक एवं भावनात्मक रूप से परेशान कर दिया है। अपनी शिकायत में, उन्होंने न केवल बेटे के विरुद्ध बल्कि उसकी हरकतों के लिए उसे जवाबदेह ठहराने के लिए भी तत्काल कार्रवाई की माँग की। उनका बयान, "अब उससे ही दिलवाइए छुटकारा," उनके गहरे दुख और अपनी बेटी की सुरक्षा एवं खुशी के लिए उनकी हताशा को दर्शाता है।
मामले की गंभीरता को समझते हुए, कानपुर के जिला मजिस्ट्रेट ने व्यक्तिगत रूप से इस शिकायत पर संज्ञान लिया। उन्होंने इस मामले को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देखा और तत्काल जाँच के आदेश दिए। जिला प्रशासन ने माँ की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे घटनाक्रम की विस्तृत जाँच करें। इसमें बेटे की गतिविधियों, उसके प्रभाव और बेटी पर पड़े उसके कथित प्रभाव की जाँच शामिल है।
कानपुर में परिवार के भीतर बढ़ते विवादों के संदर्भ में यह घटना एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह दर्शाता है कि कैसे नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे उच्चतम स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने को आवश्यक समझते हैं। जिला प्रशासन का त्वरित हस्तक्षेप इस बात पर बल देता है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। जाँच की अगली कड़ी से यह निर्धारित होगा कि माँ की माँगों का कितना हिस्सा सत्य है और इसके बाद की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई क्या होगी।
Share this story