कानपुर में आज अधिवक्ताओं ने अपने कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है, जिसके परिणामस्वरूप शहर के न्यायालय परिसरों में न्यायिक कार्य प्रभावित होने की प्रबल संभावना है। इस अचानक लिए गए निर्णय के मद्देनजर जिला प्रशासन और संबंधित न्यायिक अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता महसूस हो रही है। अधिवक्ताओं की इस कदम से न केवल आम जनता को न्याय मिलने में देरी का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि कई लंबित मामलों की सुनवाई भी प्रभावित हो सकती है। यह कार्य बहिष्कार पूरी तरह से शांतिपूर्ण होने की उम्मीद है, फिर भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इस घटनाक्रम ने न्यायपालिका और बार एसोसिएशन के बीच के संबंधों पर भी एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका समाधान जल्द ही निकाले जाने की आवश्यकता है।