वर्तमान में, मामला पूरी तरह से पुलिस जांच के अधीन है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोपों को केवल आरोप ही माना जाएगा। पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक नैतिकता और छात्रों की सुरक्षा के महत्व पर पुनः चर्चा छेड़ दी है। मामले का समाधान आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।