कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में स्कूली छात्रों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जहाँ उन्हें मैटेरियल्स साइंस के क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विभिन्न सामग्रियों के गुणों और उनके उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यशाला में छात्रों को मैटेरियल्स साइंस की बुनियादी अवधारणाएं समझाई गईं, जैसे कि धातुओं, प्लास्टिक और कंपोजिट सामग्रियों के गुण। उन्हें बताया गया कि कैसे इन सामग्रियों का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे निर्माण, ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस उद्योग। छात्रों को यह भी बताया गया कि कैसे सामग्रियों के चयन से किसी उत्पाद की मजबूती, वजन और लागत पर प्रभाव पड़ता है। कार्यशाला के दौरान छात्रों को एक व्यावहारिक उदाहरण भी दिखाया गया, जिसमें उन्होंने एक टेलीविजन सेट को खोलकर उसके विभिन्न हिस्सों और सामग्रियों की पहचान की। इस गतिविधि ने छात्रों को यह समझने में मदद की कि कैसे इंजीनियरिंग की अवधारणाएं दैनिक जीवन में लागू होती हैं। छात्रों ने इस कार्यक्रम में बहुत रुचि दिखाई और कई प्रश्न पूछे। आयोजकों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है और उन्हें भविष्य में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। कार्यक्रम का समापन छात्रों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। आयोजकों का यह भी कहना है कि वे भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे ताकि अधिक से अधिक छात्रों को मैटेरियल्स साइंस और इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी मिल सके। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक अच्छा अवसर था और उन्होंने इससे बहुत कुछ सीखा।