उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य की पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर प्रश्न उठाए हैं। लखनउ पीठ ने यह अवलोकन किया कि पुलिस बल, संविधान के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करने के बजाय, वर्तमान सत्ताधारी सरकार के हितों की पूर्ति करते प्रतीत हो रहे हैं। यह टिप्पणी कानून के शासन और पुलिस की संस्थागत स्वायत्तता के प्रति गंभीर चिंताएं पैदा करती है। न्यायालय की टिप्पणियां केवल एक अवलोकन तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उन्होंने राज्य के गृह सचिव को कड़ी फटकार भी लगाई, जो इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विफलता का संकेत देती है।
उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस की सत्ता के प्रति वफादारी पर प्रश्न उठाए
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