फर्रुखाबाद में एक निवासी ने अपने घर के बाहर 'मकान बिकाऊ है' का बोर्ड लगा दिया है, जो एक सार्वजनिक घोषणा और प्रतिवाद के रूप में कार्य कर रहा है। इस कदम ने स्थानीय स्तर पर काफी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि महिला ने इस कार्रवाई के पीछे का कारण स्पष्ट रूप से बताया है। यह बोर्ड केवल एक व्यावसायिक विज्ञापन नहीं है, बल्कि एक गंभीर संकेत है कि वह क्षेत्र में न्याय मिलने की संभावनाओं से हताश हो चुकी है। यह कदम एक ऐसे व्यक्ति की हताशा को दर्शाता है, जिसे लगता है कि उसकी शिकायतें या तो दर्ज नहीं की जा रही हैं या फिर उनका समाधान नहीं हो रहा है।