लखनऊ से एक महत्वपूर्ण तथ्य-जांच (फैक्ट चेक) रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पुराना वीडियो गलत संदर्भ के साथ प्रसारित किया जा रहा है। वर्तमान में इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसे यूजर्स द्वारा उज्जैन स्थित शाही मस्जिद से जुड़े हालिया विवाद का हिस्सा बताकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि, गहन जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण से यह बात पूरी तरह से सामने आई है कि यह वीडियो लखनऊ का है और यह किसी भी हालिया घटना या विवाद से संबंधित नहीं है। यह स्पष्टीकरण उन सभी लोगों के लिए अत्यंत आवश्यक है जो बिना किसी पुष्टि के ऐसी संवेदनशील सामग्री को आगे बढ़ाते हैं, क्योंकि इससे समाज में अनावश्यक भ्रम और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में तथ्य-जांच करने वाली टीम ने बारीकी से अध्ययन किया और पाया कि वीडियो की पृष्ठभूमि, वहां मौजूद संरचनाएं और अन्य दृश्य तत्व पूरी तरह से लखनऊ शहर के पुराने हिस्से से मेल खाते हैं। इस प्रकार, यह स्पष्ट रूप से स्थापित हो जाता है कि यह वीडियो किसी अन्य शहर या हालिया घटना का नहीं है, बल्कि यह केवल एक भ्रामक दावे के साथ पेश किया गया है।