कानपुर में 10,467 प्रगणक व सुपरवाइजर संभालेंगे जिम्मेदारी, 4 जनवरी तक चलेगा गणना कार्य

कानपुर नगर, 29 अक्टूबर। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण में कानपुर नगर में 16 से 30 नवंबर तक लोग ऑनलाइन स्वगणना कर सकेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे। इस कार्य में 10,467 प्रगणक एवं सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना देश की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना है। पहली बार इसे डिजिटल माध्यम से कराया जा रहा है। जनपद में पहले चरण के तहत 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना पूरी की जा चुकी है। अब दूसरे चरण में जनसंख्या संबंधी विवरण जुटाए जाएंगे। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण होगा।

ऑनलाइन स्वगणना का भी मिलेगा विकल्प

आमजन https://se.census.gov.in पोर्टल पर परिवार के सदस्यों का विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जानकारी जमा करने पर एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी, जिसे घर आने वाले प्रगणक को देना होगा। वह इसके आधार पर विवरण का सत्यापन करेंगे। स्वगणना वैकल्पिक है। ऑनलाइन जानकारी न भर पाने वाले परिवारों की गणना प्रगणक घर पहुंचकर करेंगे।

40 सवालों में जुटेगी जानकारी

प्रश्नावली में प्रत्येक सदस्य के नाम, आयु, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार, आजीविका, वर्तमान एवं पूर्व निवास, प्रवासन के कारण, दिव्यांगता और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच से जुड़े कुल 40 प्रश्न शामिल हैं। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण में किया जाएगा।

व्यक्तिगत जानकारी रहेगी गोपनीय

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत व्यक्तिगत जानकारी को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने नागरिकों से सही एवं पूर्ण जानकारी देने की अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि किसी को भी बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम या यूपीआई पिन और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी न दें।

प्रेसवार्ता में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी, सहायक निदेशक जनगणना दिनेश कुमार यादव और सहायक जिला प्रभारी हिमांशु शुक्ला उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

जनगणना सहायता: राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 और व्हाट्सएप चैटबॉट 18001801855। गणना छूटने की स्थिति में भी हेल्पलाइन पर सूचना दी जा सकती है।