*जनता दर्शन की गंभीर और संवेदनशील शिकायतों पर तत्काल मौके पर पहुंचेगी राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम*

*जमीन विवाद, मेड़बंदी, चकरोड और अवैध कब्जे सहित कई संवेदनशील प्रकरणों में स्थलीय जांच के आधार पर होगी कार्रवाई*

*फरियादियों को बार-बार नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, दोनों पक्षों की मौजूदगी में होगा निष्पक्ष निस्तारण*

कानपुर नगर, 15 अक्टूबर 2026।

जनता दर्शन में गंभीर और संवेदनशील शिकायतें लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को अब निस्तारण के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने ऐसी शिकायतों पर त्वरित स्थलीय कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित की है। राजस्व और पुलिस की यह छह सदस्यीय संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य संवेदनशील प्रकरणों में अनावश्यक विलंब रोकने के साथ विवादों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 10 बजे के बाद टीम पूर्व दिवस में चिह्नित संवेदनशील एवं तात्कालिक प्रकृति की शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय से सीधे संबंधित स्थल के लिए रवाना होगी। मौके पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में राजस्व अभिलेखों का परीक्षण, भूमि की पैमाइश और वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। विशेष रूप से उन प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें कार्रवाई में देरी से विवाद बढ़ने अथवा शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस के सहयोग से अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण के प्रयासों पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*राजस्व और पुलिस के छह सदस्यीय दल को जिम्मेदारी*

क्विक रिस्पॉन्स टीम में संबंधित क्षेत्र के नायब तहसीलदार को प्रभारी एवं नोडल अधिकारी बनाया गया है। राजस्व निरीक्षक, दो क्षेत्रीय लेखपाल तथा पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नामित दो पुलिसकर्मी टीम में शामिल होंगे। पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक अथवा मुख्य आरक्षी स्तर के कार्मिक होंगे। टीम को दोनों पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

*हर कार्रवाई की होगी फोटो-वीडियोग्राफी, शाम पांच बजे तक रिपोर्ट*

जिलाधिकारी ने प्रत्येक स्थलीय कार्रवाई की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी अनिवार्य की है। टीम को की गई कार्रवाई की तथ्यपरक एवं संयुक्त हस्ताक्षरित विस्तृत रिपोर्ट उसी दिन शाम पांच बजे तक प्रस्तुत करनी होगी।

जिलाधिकारी ने बिल्हौर, घाटमपुर और नरवल के उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में इसी प्रकार की त्वरित निस्तारण टीम की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में शिथिलता अथवा दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।