लखनऊ में दिव्या और मानस से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है, जिससे जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है। पुलिस ने मामले में तीन पिस्टल बरामद की हैं, लेकिन फोरेंसिक जांच में यह पाया गया है कि इनमें से केवल एक ही पिस्टल से गोली चलाई गई थी। यह तथ्य मामले में एक नया रहस्य जोड़ रहा है। अब पूरा ध्यान एक लॉक आईफोन पर है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसमें इस पूरे मामले का राज छिपा है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इस आईफोन को अनलॉक करने की कोशिश में लगी हुई हैं, क्योंकि इसके डेटा से कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। यह मामला पिछले कुछ समय से शहर में चर्चा का विषय बना हुआ था, जिसमें दिव्या और मानस के बीच के संबंधों और किसी संभावित घटनाक्रम को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिल रहा था, जिससे जांच की गति धीमी हो गई थी। हालांकि, हाल ही में पिस्टल की बरामदगी ने जांच को एक नई दिशा दी है। पुलिस का मानना है कि पिस्टल की बरामदगी से न केवल संदिग्धों की संलिप्तता स्पष्ट होगी, बल्कि घटना के समय की पूरी कहानी भी सामने आ सकती है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीन पिस्टल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि केवल एक पिस्टल से गोली चलाई गई थी, जबकि अन्य दो का उपयोग नहीं किया गया था। यह तथ्य जांचकर्ताओं के लिए कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या पिस्टल का उपयोग केवल डराने के लिए किया गया था, या फिर किसी अन्य योजना का हिस्सा थीं? पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पिस्टल किसके पास थीं और उन्हें घटनास्थल तक कैसे पहुँचाया गया। पिस्टल की बैलिस्टिक रिपोर्ट की जांच की जा रही है ताकि गोली के अवशेषों का मिलान किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि गोली किस पिस्टल से चलाई गई थी। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य वह लॉक आईफोन है, जो पुलिस के हाथ लगा है। यह आईफोन किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति का माना जा रहा है और इसमें कई ऐसे संदेश, फोटो और लोकेशन डेटा हो सकते हैं जो इस मामले को सुलझाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, आईफोन लॉक होने के कारण पुलिस को तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। साइबर सेल की टीम आईफोन को अनलॉक करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि आईफोन अनलॉक होने के बाद न केवल संदेशों से, बल्कि कॉल लॉग, ब्राउजिंग हिस्ट्री और लोकेशन हिस्ट्री से भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और गहन तरीके से की जा रही है। उन्होंने पुष्टि की है कि सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू की जांच कर रहे हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। आईफोन अनलॉक होने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सकेगी। इस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट और आईफोन अनलॉक होने का इंतजार सभी को है। पुलिस का मानना है कि इन दोनों से मिलने वाली जानकारी मामले को सुलझाने में निर्णायक साबित होगी। फॉरेंसिक टीम पिस्टल की जांच पूरी कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, आईफोन अनलॉक होने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सकेगी। यह मामला लखनऊ पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन फॉरेंसिक और साइबर सेल की टीमों के सहयोग से मामले को सुलझाने की पूरी उम्मीद है।
दिव्या और मानस केस में रहस्य गहराया, तीन पिस्टल की बरामदगी और लॉक आईफोन की जांच से खुल सकता है राज

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