वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रमुख के रूप में नियुक्त होने के पश्चात, पुलिस महानिदेशक (सी पी आई) ने आज अपने प्रथम आधिकारिक कार्यक्रम के अंतर्गत बनारस के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर सी पी आई ने पुलिसिंग के सिद्धांतों, कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की प्राथमिक भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए प्रत्येक अधिकारी को सदैव तत्पर और समर्पित रहना चाहिए। सी पी आई ने प्रशिक्षु अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करते समय निष्पक्षता, ईमानदारी और पारदर्शिता का मार्ग अपनाएं। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक माध्यम है, और प्रत्येक अधिकारी को समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल को सदैव जनता के विश्वास और सहयोग का पात्र बने रहना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान, सी पी आई ने अधिकारियों को विभिन्न कानूनों, जैसे कि दंड प्रक्रिया संहिता (सी आर पी सी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सी पी सी), के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उन्हें भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अपराध की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी संबोधित किया। सी पी आई ने अधिकारियों को यह भी बताया कि उन्हें सदैव अपने उपकरणों और संसाधनों का उचित उपयोग करना चाहिए और जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान, सी पी आई ने अधिकारियों को विभिन्न कानूनों, जैसे कि दंड प्रक्रिया संहिता (सी आर पी सी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सी पी सी), के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उन्हें भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अपराध की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी संबोधित किया। सी पी आई ने अधिकारियों को यह भी बताया कि उन्हें सदैव अपने उपकरणों और संसाधनों का उचित उपयोग करना चाहिए और जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। सी पी आई ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिसिंग के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को सदैव जनता के विश्वास और सहयोग का पात्र बने रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को सदैव अपने कर्तव्यों का पालन करते समय निष्पक्षता, ईमानदारी और पारदर्शिता का मार्ग अपनाना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान, सी पी आई ने अधिकारियों को विभिन्न कानूनों, जैसे कि दंड प्रक्रिया संहिता (सी आर पी सी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सी पी सी), के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उन्हें भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अपराध की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी संबोधित किया। सी पी आई ने अधिकारियों को यह भी बताया कि उन्हें सदैव अपने उपकरणों और संसाधनों का उचित उपयोग करना चाहिए और जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। सी पी आई ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिसिंग के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को सदैव जनता के विश्वास और सहयोग का पात्र बने रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को सदैव अपने कर्तव्यों का पालन करते समय निष्पक्षता, ईमानदारी और पारदर्शिता का मार्ग अपनाना चाहिए।