उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुआवजे की राशि को दोगुना करने की घोषणा की है। इस नीति के तहत, किसानों को फसल क्षति पर 1 लाख रुपये के बजाय 2 लाख रुपये, जबकि भूमि अधिग्रहण के मामलों में मुआवजे की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
यह निर्णय पिछले महीने हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया था, जिसमें मुआवजे से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 1076 भी शुरू किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम से किसानों और भूमि स्वामियों को राहत मिलेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुआवजे के भुगतान में देरी की शिकायतें आम थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन यह ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुआवजे के अलावा, इस योजना में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और मुआवजा भुगतान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत भी शामिल है।
राज्य के वित्त मंत्री ने कहा, "यह निर्णय किसानों की शिकायतों को दूर करने और राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में एक कदम है।"
इस घोषणा के बाद से, संबंधित विभागों ने मुआवजे के दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर सभी लंबित मुआवजे के मामलों का समाधान सुनिश्चित करें।
