मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट शहर में एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है, जो एक स्थानीय मजिस्ट्रेट के विरुद्ध जनता के आक्रोश को दर्शाता है। यह घटना उस समय सामने आई जब अचानक और जबरदस्ती बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई, जिससे स्थानीय निवासियों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह बाधित हो गई। इस मामले में मुख्य भूमिका एक बिजलीकर्मी की है, जिसने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय मजिस्ट्रेट के आदेश पर जबरदस्ती बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, जबकि कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। इस दावे ने पूरे शहर में विवाद की आग भड़का दी है। बिजलीकर्मी का आरोप है कि मजिस्ट्रेट के आदेश पर बिजली विभाग के कर्मियों ने बिना किसी पूर्व सूचना या कारण के बिजली काट दी। उनका कहना है कि यह कदम जानबूझकर उठाया गया था, जिसका उद्देश्य किसी विशिष्ट व्यक्ति या क्षेत्र को परेशान करना था। इस घटना के बाद से ही स्थानीय जनता में काफी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अचानक बिजली कटने से उनकी दैनिक दिनचर्या, छोटे व्यवसाय और आवश्यक सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। जनता की मुख्य मांग है कि मजिस्ट्रेट के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए और बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यह कदम सत्ता के दुरुपयोग के तहत उठाया गया था और न्यायपालिका के अधिकार का गलत प्रयोग किया गया। बिजलीकर्मी ने लोगों के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा है कि यह मामला केवल बिजली कटौती का नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा और जनता के अधिकारों का प्रश्न है। प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने और जनता की शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जनता का विश्वास अब न्यायिक अधिकारियों के आदेशों पर से उठ गया है। इस विवाद के शांत होने और न्याय मिलने तक लोगों का विरोध जारी रहने की संभावना है।
चिट्रकूट में बिजली कटौती पर विवाद, जज पर लगाए गंभीर आरोप
Share this story