बनारस के हीरामनपुर क्षेत्र में स्थित पुलिस सहायता केंद्र पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है। इस वजह से इस इलाके में निवास करने वाली एक बड़ी आबादी को अपनी सुरक्षा और आपातकालीन जरूरतों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब भी क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना घटती है या किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है, तो उन्हें मजबूरन आशापुर पुलिस चौकी का रुख करना पड़ता है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि एक पुलिस सहायता केंद्र का मुख्य उद्देश्य ही नागरिकों को उनके घर के निकट त्वरित पुलिस सहायता प्रदान करना होता है।
बनारस में हीरामनपुर पुलिस सहायता केंद्र वर्षों से बंद, बड़ी आबादी को सुरक्षा के लिए आशापुर चौकी पर निर्भर रहने को मजबूर

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