सीडीओ की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक, शिक्षा से वंचित बच्चों का होगा सर्वे, जन-जागरूकता पर रहेगा जोर
कानपुर नगर, 08 मई 2026।
मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनपद को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्योग संगठनों तथा श्रम विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में निर्देश दिए गए कि आगामी 12 जून 2026 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस तक कानपुर नगर के 12 वार्डों को बाल श्रम मुक्त किया जाए। इसके लिए श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तन अधिकारियों के साथ शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग तथा प्रोबेशन विभाग संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाज की सामूहिक भागीदारी से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों एवं पार्षदों के साथ बैठक कर शहर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के सहयोग से भी अभियान को गति देने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम प्रधानों के माध्यम से सभी 590 ग्राम पंचायतों में सर्वे कर यह डाटा संकलित किया जाएगा कि 18 वर्ष से कम आयु के कितने बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं अथवा शिक्षा से वंचित हैं। यह जानकारी शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ऐसे बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ा जा सके।
बैठक में यह भी कहा गया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों तथा आमजन की सक्रिय सहभागिता बेहद आवश्यक है। जन-जागरूकता और निरंतर अभियान के माध्यम से ही बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
बैठक में अपर श्रमायुक्त, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, नगर निगम अधिकारी, पुलिस विभाग से प्रभारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी तथा समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे।

