स्टाइल, एक्शन और स्टार पावर भरपूर, मगर लंबाई और उलझी पटकथा करती है परेशान

मुंबई।

यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है। ‘KGF’ के बाद यश को एक अलग अंदाज में देखने की उम्मीद लगाए बैठे दर्शकों के लिए यह फिल्म एक बड़े विजुअल ट्रीट की तरह सामने आती है। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और इसमें यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार नजर आते हैं।

यश ने संभाली फिल्म की कमान

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यश हैं। उनका स्क्रीन प्रेजेंस, लुक, बॉडी लैंग्वेज और एक्शन दर्शकों का ध्यान खींचता है। यश ने फिल्म में अलग-अलग शेड्स वाले किरदारों को निभाकर अपने अभिनय का एक नया पक्ष दिखाने की कोशिश की है। उनके प्रशंसकों के लिए कई ऐसे पल हैं, जहां सिनेमाघर तालियों और सीटियों से गूंज सकता है।

कहानी और निर्देशन

‘Toxic’ की कहानी सत्ता, अपराध, परिवार, विश्वासघात और बदले की दुनिया के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का माहौल गंभीर और डार्क है। गोवा की पृष्ठभूमि और पीरियड सेटिंग फिल्म को अलग पहचान देती है। निर्देशन में महत्वाकांक्षा साफ दिखाई देती है, लेकिन कई जगह कहानी जरूरत से ज्यादा उलझती हुई महसूस होती है।

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी 3 घंटे 14 मिनट की लंबाई और कुछ हिस्सों में धीमी गति है। समीक्षकों के एक वर्ग ने भी कहानी की कमजोरी और जरूरत से ज्यादा खिंचाव को फिल्म की कमियों में गिना है।

एक्शन और विजुअल्स शानदार

एक्शन दृश्यों और सिनेमैटोग्राफी पर खास मेहनत दिखाई देती है। बड़े पर्दे पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट निश्चित रूप से प्रभाव छोड़ता है। कई दृश्यों में फिल्म का स्केल बड़ा और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जैसा महसूस होता है।

महिला किरदारों को लेकर सवाल

फिल्म में महिला कलाकारों की मौजूदगी मजबूत है, लेकिन कुछ समीक्षाओं में यह सवाल भी उठाया गया है कि उनके किरदारों को कहानी में उतनी गहराई नहीं मिल पाती, जितनी उम्मीद की जा सकती थी।

कुल मिलाकर

‘Toxic’ हर दर्शक के लिए एक जैसी फिल्म नहीं है। अगर आपको बड़े पर्दे पर जबरदस्त एक्शन, यश का स्वैग, डार्क गैंगस्टर ड्रामा और शानदार विजुअल्स पसंद हैं तो फिल्म आपको आकर्षित कर सकती है। लेकिन अगर आप कसावट वाली कहानी और तेज रफ्तार पटकथा की उम्मीद लेकर जाएंगे तो कुछ हिस्से निराश कर सकते हैं।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत — यश की स्क्रीन प्रेजेंस और विजुअल ट्रीटमेंट।
सबसे बड़ी कमजोरी — लंबी अवधि और असमान पटकथा।

Police Prahari .com रेटिंग: 3/5

फैसला: यश के प्रशंसकों के लिए बड़े पर्दे की फिल्म, लेकिन कहानी के स्तर पर थोड़ी और कसावट की जरूरत थी।