विदेशी बाज़ार में भारतीय कंपनियों की बड़ी छलांग

Surya pandey
भारत की प्रमुख दवा कंपनी ने एक और बड़ा वैश्विक कदम उठाते हुए अमेरिका की एक अग्रणी कंपनी के अधिग्रहण की घोषणा की है। यह सौदा करीब 11.75 अरब डॉलर (लगभग 98 हजार करोड़ रुपये) में पूरा होने जा रहा है, जो किसी भी भारतीय फार्मा कंपनी द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण माना जा रहा है।
इस डील के जरिए कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजार, खासकर चीन और अन्य एशियाई देशों में अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। कंपनी के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि यह अधिग्रहण ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक बाजार में अस्थिरता है, लेकिन यही समय नए अवसर भी लेकर आता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सौदे के बाद सन फार्मा दुनिया की शीर्ष-25 फार्मास्यूटिकल कंपनियों में अपनी जगह और मजबूत करेगी। इससे पहले ने 2007 में कोरस ग्रुप का अधिग्रहण कर सुर्खियां बटोरी थीं, और अब सन फार्मा उसी दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा रही है।
कंपनी इस डील के तहत नकद भुगतान के साथ कुछ राशि कर्ज के जरिए जुटाएगी। इस अधिग्रहण से सन फार्मा को नए बाजारों में सीधी मौजूदगी मिलेगी, जिससे भविष्य में राजस्व और विस्तार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।
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