चंपापुरवा स्थित पंचमुखी एवं चिंताहरण हनुमान मंदिर और श्री सीताराम बाबा आश्रम में तीन दिवसीय महोत्सव का हुआ समापन, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु
कानपुर। चंपापुरवा स्थित पंचमुखी एवं चिंताहरण हनुमान जी महाराज मंदिर एवं श्री सीताराम बाबा आश्रम में श्री सीताराम महाराज जी की 14वीं पुण्यतिथि महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महाराज जी के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
महोत्सव के तृतीय दिवस की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन से हुई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ हवन में आहुतियां अर्पित कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरे आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रों और धार्मिक जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
हवन एवं पूजन के उपरांत आश्रम परिसर में हर वर्ष की भांति विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में नगर के साथ-साथ नासिक, बनारस, कानपुर और उन्नाव सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बड़ी संख्या में भक्तों ने सेवा कार्य में भी भाग लिया और पूरे आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए श्री सीताराम बाबा आश्रम के पुजारी गोविंद दास जी महाराज ने बताया कि श्री सीताराम महाराज जी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रतिवर्ष श्रद्धा और परंपरा के साथ धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष भी तीन दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और अंतिम दिन हवन-पूजन तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
महोत्सव में सदर विधायक पंकज गुप्ता, शशांक सिंह, विमल द्विवेदी, अरुण सिंह (जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष), वीरेंद्र शुक्ला (सपा नेता) तथा अनुज पांडेय (भाजपा नेता) सहित अनेक गणमान्य लोगों ने पहुंचकर महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
आयोजन में नासिक से पहुंचे विलास शुक्ला सहित विलास शुक्ला, हरिश्चंद्र बाजपेई, मोहित मिश्रा, लल्लन पंडित, अनुराग कुशवाहा, सुरेश कुमार बाजपेई, प्रशांत दीक्षित, अविचल चतुर्वेदी, अनुज, सोनू सूर्या, रवि गुप्ता, छोटू मिश्रा, राधे लाल, केतकी सहित बड़ी संख्या में सेवक एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने हवन-पूजन में भाग लेने के साथ भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों और सेवकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। धार्मिक आयोजन के समापन पर आश्रम परिसर में उपस्थित भक्तों ने श्री सीताराम महाराज जी का स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

