कानपुर। शहर में फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बड़े स्तर पर ठगी करने वाले गिरोह का कानपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना किदवई नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष उर्फ रवि और अर्जुन यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नकली मोहरें, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न फर्जी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के नाम पर इंटरमीडिएट से लेकर पीएचडी तक की फर्जी मार्कशीट, डिग्री, ग्रेड शीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर लोगों को उपलब्ध कराते थे। इतना ही नहीं, बिना परीक्षा दिलाए डिग्री दिलाने का भी अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से छात्रों को झांसे में लेकर मोटी रकम वसूलता था।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों के छात्रों को निशाना बनाते हुए करीब 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए। जांच के दौरान तेलंगाना यूनिवर्सिटी सहित कई संस्थानों के नाम के दुरुपयोग की जानकारी सामने आई है। पुलिस को करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर आर्थिक पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि आरोपी “GLOBAL BOOK OF EXCELLENCE AWARD UK LONDON” के नाम पर कथित अवार्ड कार्यक्रम आयोजित कर लोगों से ठगी करते थे। आरोपियों द्वारा कई सेलिब्रिटीज को अवार्ड देने का दावा कर प्रचार-प्रसार किया जाता था, जिससे लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें जाल में फंसाया जाता था। मुख्य आरोपी मनीष ने पूछताछ में दुबई यात्रा करने की बात भी स्वीकार की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में एसआईटी और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
कानपुर पुलिस का बड़ा खुलासा, फर्जी डिग्री फैक्ट्री का भंडाफोड़ दो गिरफ्तार

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