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कानपुर नगर। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे प्रदेश में व्यावसायिक भवनों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर में बिना मानकों के संचालित कोचिंग संस्थानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

केडीए द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार 22 जून 2026 को विभिन्न जोनों में अभियान चलाकर कुल 16 प्रतिष्ठानों को सील किया गया। इनमें जोन-1 में 3, जोन-2 में 5, जोन-3 में 3 तथा जोन-4 में 5 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलबंदी की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण ने बताया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआती चरण है। प्रथम चरण में 22 अन्य प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित किया गया है, जिनके विरुद्ध नोटिस जारी करने, निरीक्षण करने और आवश्यकता पड़ने पर सीलबंदी की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
लखनऊ की हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कोचिंग संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भवनों में पर्याप्त निकासी मार्ग, फायर फाइटिंग उपकरण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन बचाने की अनिवार्य आवश्यकता है।
केडीए की इस कार्रवाई को लखनऊ हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिना मानचित्र स्वीकृति, मानकों के विपरीत संचालित संस्थानों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।