भूमि अर्जन के खिलाफ दाखिल रिट याचिका खारिज, 71 प्रतिशत भूमि पहले ही हो चुकी है अर्जित
कानपुर। न्यू कानपुर सिटी योजना को लेकर कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी सफलता मिली है। हाईकोर्ट ने प्राधिकरण द्वारा की जा रही भूमि अर्जन की कार्रवाई को वैध ठहराते हुए अनूप सिंह यादव एवं अन्य काश्तकारों द्वारा दाखिल रिट याचिका संख्या 27768/2026 को निरस्त कर दिया है। न्यायालय के इस फैसले से न्यू कानपुर सिटी योजना के विकास कार्यों को नई गति मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
केडीए की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता तथा अधिवक्ता जे.एन. मौर्य ने न्यायालय में प्रभावी पक्ष रखा। न्यायालय ने प्राधिकरण की भूमि अर्जन प्रक्रिया को विधिसम्मत माना।
प्राधिकरण के अनुसार न्यू कानपुर सिटी योजना का कुल क्षेत्रफल 153.3 हेक्टेयर है, जिसमें से 108 हेक्टेयर यानी लगभग 71 प्रतिशत भूमि का अर्जन एवं क्रय पहले ही किया जा चुका है। शेष भूमि का अधिग्रहण सहमति के आधार पर किया जा रहा है। भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की पूरी प्रक्रिया उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 तथा उत्तर प्रदेश नियमावली-2016 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार की जा रही है।
केडीए ने बताया कि योजना क्षेत्र में विकास कार्य भी शुरू हो चुके हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने में किसी प्रकार की कानूनी बाधा नहीं रहेगी और न्यू कानपुर सिटी के विकास को और गति मिलेगी।